ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥
Oṃ sarve bhavantu sukhinaḥ sarve santu nirāmayāḥ | sarve bhadrāṇi paśyantu mā kaścid duḥkhabhāg bhavet ||
Om Sarve Bhavantu Sukhinah Sarve Santu Niramayah, Sarve Bhadrani Pashyantu Ma Kashchid Duhkhabhag Bhavet
- अर्थ
- सब सुखी हों, सब निरोग हों, सब शुभ देखें, कोई दुःख का भागी न हो।
- इष्ट
- universal
- माला का आकार
- 108
- सुझाया दैनिक जप: 11
इस मंत्र का जप करें
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥
0 माला · आज: 0
सुझाव: स्पेस बार दबाकर भी गिन सकते हैं।
इस डिवाइस पर सहेजा गया