सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
Sarvamaṅgalamāṅgalye śive sarvārthasādhike | śaraṇye tryambake gauri nārāyaṇi namo'stu te ||
Sarvamangala Mangalye Shive Sarvarthasadhike, Sharanye Tryambake Gauri Narayani Namostu Te
- अर्थ
- गौरी-नारायणी को प्रणाम, जो हर मंगल का मंगल और शरण देने वाली हैं।
- इष्ट
- devi
- माला का आकार
- 108
- सुझाया दैनिक जप: 11
इस मंत्र का जप करें
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
0 माला · आज: 0
सुझाव: स्पेस बार दबाकर भी गिन सकते हैं।
इस डिवाइस पर सहेजा गया